
- लखनऊ के ईको गार्डन में 13वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी
- शिक्षामित्रों की परमानेंट नियुक्ति की मांग
- TET पास हैं सभी प्रदर्शनकारी शिक्षामित्र
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों का संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा। लखनऊ के ईको गार्डन में 27 मई से शुरू हुआ धरना प्रदर्शन अब 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास कर चुके ये शिक्षामित्र परमानेंट नियुक्ति की मांग को लेकर डटे हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे बीते कई वर्षों से महज 10 हजार रुपए मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि NCT की गाइडलाइन के अनुसार वे सहायक अध्यापक बनने की पूरी योग्यता रखते हैं।
सरकार से बार-बार गुहार, फिर भी अनसुनी मांगें
धरने की अगुआई कर रहे प्रदेश अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने कहा कि हम करीब 25 वर्षों से विभाग के लिए सेवाएं दे रहे हैं। स्कूलों के संचालन और बच्चों की शिक्षा में हमारा योगदान भी नियमित शिक्षकों से कम नहीं है। फिर भी हमें स्थायी नहीं किया जा रहा।
उन्होंने बताया कि साल 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद हमें उम्मीद थी कि अब न्याय मिलेगा, लेकिन 8 साल बीतने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने कहा, “बेसिक शिक्षा मंत्री से लेकर कई अफसरों तक पहुंचे, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। अब सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ही उम्मीद है।”
NCT गाइडलाइन का हवाला, पर सरकार खामोश
शिक्षामित्रों का दावा है कि वे NCT की गाइडलाइन के तहत सहायक अध्यापक बनने के पूरी तरह योग्य हैं, फिर भी सरकार उन्हें स्थायी नियुक्ति देने से बच रही है। उनका कहना है कि उन्हें स्थायी नहीं करने से हजारों शिक्षामित्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।








