
- अर्दली बाजार, भेलूपुर समेत कई क्षेत्रों में की गई जांच
- अब रीडिंग के लिए मीटर की फोटो लेना और अपलोड करना अनिवार्य
- घर बैठे बिल तैयार करने पर लगाई गई रोक
वाराणसी। विद्युत उपभोक्ताओं की लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने बड़ा फैसला लिया है। अब वाराणसी जनपद में मीटर रीडिंग और बिल वितरण की जिम्मेदारी नई एजेंसी टीडीएस (TDS) को सौंप दी गई है। कंपनी ने कार्यभार संभाल लिया है और रीडिंग की निगरानी के लिए विशेष जांच अभियान भी शुरू हो चुका है।
गलत रीडिंग और अधिक बिलिंग की शिकायतें बनी वजह
अब तक उपभोक्ताओं को गलत रीडिंग, अनियमित बिलिंग और मीटर रीडरों की लापरवाही जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही थीं। कई इलाकों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि बिना मीटर देखे ही बिल थमा दिया गया। ऐसे में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए पुरानी एजेंसियों की जगह टीडीएस को जिम्मेदारी सौंपी और उनके काम पर निगरानी रखने के लिए जांच अभियान भी चलाया जा रहा है।
कंचनपुर, अर्दली बाजार, भेलूपुर समेत कई क्षेत्रों में जांच
निदेशक (वाणिज्य) शिशिर ने कंचनपुर क्षेत्र में अभियान की शुरुआत की, वहीं अधिशासी अभियंताओं की टीमों ने अर्दली बाजार, भेलूपुर, चौकाघाट और लोहता जैसे क्षेत्रों में मीटर रीडिंग के कार्य की सघन जांच की। उपभोक्ताओं से रीडिंग मिलान के साथ रीडरों के व्यवहार और समयबद्धता की भी समीक्षा की गई।
ओसीआर सिस्टम से होगी रीडिंग, घर बैठे बिलिंग पर रोक
अधिशासी अभियंता गौरव सिंह ने बताया कि अब रीडिंग कार्य में ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) और प्रो-बिलिंग सिस्टम को अपनाया गया है। रीडर को मौके पर जाकर मीटर की फोटो लेकर तुरंत अपलोड करनी होगी। इससे रीडिंग की पारदर्शिता बढ़ेगी और घर बैठे बिल तैयार करने की मनमानी पर रोक लगेगी।
343 मीटर रीडर तैनात, सभी को दिया गया प्रशिक्षण
जिले में वर्तमान में 343 मीटर रीडर तैनात हैं, जिन्हें डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रशिक्षित किया गया है। विभाग ने कहा कि डिजिटल रीडिंग प्रणाली को मजबूत किया गया है, जिससे अनियमितताओं की संभावना को समाप्त किया जा सके। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने बिजली बिल की जांच करते रहें और किसी विसंगति की स्थिति में स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज कराएं।








