- गहने व जेवरात छीनने का भी आरोप, मस्जिद में जबरन तलाक
- पीड़िता के मुताबिक डराकर स्टांप पेपर पर कराए गए दस्तखत
- पहले नहीं हुई कार्रवाई, बाद में SP के निर्देश पर FIR
अंबेंडकरनगर। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र की एक विवाहिता ने पति व ससुरालजनों पर दहेज उत्पीड़न, स्त्रीधन की हेराफेरी, जान से मारने की धमकी और जबरन मस्जिद में तीन तलाक दिलाने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। गोंडा जिले के सुरसा नियाज चिस्तीपुर निवासी पीड़िता जैसमीन का निकाह 24 नवंबर 2023 को सहजौरा गांव निवासी शहजल लईक से हुआ था। आरोप के अनुसार, निकाह के कुछ ही दिनों बाद ससुराल की तीन ननदें—फरहीन, फिरदोस व फिल्जा—इनोवा कार की मांग को लेकर दहेज में असंतोष जताने लगीं। 26 नवंबर को जैसमीन मायके गई और परिजनों को उत्पीड़न की जानकारी दी। 30 नवंबर को जैसमीन वापस ससुराल लौटी, जहां 15 दिसंबर तक पति शहजल लईक, ससुर मोहम्मद लईक व अन्य परिजनों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि गला दबाया गया, बिजली के तार से डराया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। 12 मई 2024 को जैसमीन का स्त्रीधन—जिसमें जेवरात भी शामिल थे—छीन लिया गया और उसे ससुराल से बाहर कर दिया गया। इसके बाद उसे मायके में रहना पड़ा 17 जनवरी 2025 को जैसमीन और उसके पिता को अयोध्या के त्रिदेव होटल में पंचायत के बहाने बुलाया गया। वहां अज्ञात लोगों की मदद से उन्हें बंधक बनाया गया और फिर एक मस्जिद में ले जाकर गहने दोबारा छीन लिए गए। इसके बाद दबाव बनाकर तलाकनामा स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए।








