राणा को कोर्ट से मिली परिवार से बात करने की इजाजत

  • कोर्ट ने भविष्य में नियमित कॉल पर जेल से रिपोर्ट मांगी
  • अमेरिका से लाए गए राणा की हिरासत 9 जुलाई तक बढ़ी
  • राणा ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया

नई दिल्ली। 2008 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से सोमवार को बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने उसे अपने परिवार से एक बार फोन पर बात करने की इजाजत दे दी है। यह कॉल तिहाड़ जेल अधिकारियों की निगरानी में और जेल नियमों के तहत की जाएगी।

स्पेशल NIA जज चंद्र जीत सिंह की अदालत में हुई सुनवाई में यह फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने जेल प्रशासन से एक रिपोर्ट भी मांगी है, जिसमें पूछा गया है कि क्या राणा को भविष्य में नियमित रूप से परिवार से बात करने की अनुमति दी जा सकती है।

पहले हो चुकी है याचिका खारिज

राणा की यह मांग इससे पहले 24 अप्रैल को कोर्ट ने खारिज कर दी थी। उस वक्त उसके वकील पीयूष सचदेवा ने दलील दी थी कि एक विदेशी नागरिक के तौर पर राणा को परिवार से बात करने का अधिकार है और उसके इलाज को लेकर परिवार चिंतित है। लेकिन NIA ने मामले की संवेदनशीलता और चल रही जांच का हवाला देते हुए इसका विरोध किया था।

9 जुलाई तक NIA की हिरासत में है राणा

राणा फिलहाल NIA की कस्टडी में है। पिछली सुनवाई 28 अप्रैल को हुई थी, जिसमें उसकी हिरासत 12 दिन के लिए बढ़ा दी गई थी। उसे अमेरिका से प्रत्यर्पण कर 10 अप्रैल को भारत लाया गया था। इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन राणा’ नाम दिया गया था।

2009 में FBI ने किया था गिरफ्तार

तहव्वुर राणा को अमेरिकी एजेंसी FBI ने अक्टूबर 2009 में शिकागो से गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने 26/11 मुंबई हमले और डेनमार्क के कोपेनहेगन में हुए आतंकी साजिशों के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराई थी। अमेरिका में उसे लश्कर-ए-तैयबा का समर्थन करने का दोषी भी ठहराया गया है।

NIA और मुंबई पुलिस की पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा राणा

23 अप्रैल को NIA मुख्यालय में राणा से करीब 8 घंटे लंबी पूछताछ हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, राणा सवालों से बचता रहा और पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। इसके अलावा 26 अप्रैल को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी उससे पूछताछ की थी।

कौन है तहव्वुर हुसैन राणा?

  • पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक

  • पहले पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के रूप में कार्यरत

  • 1997 में कनाडा और बाद में अमेरिका जाकर इमिग्रेशन सर्विस का बिजनेस शुरू किया

  • ‘फर्स्ट वर्ल्ड इमिग्रेशन सर्विसेज’ नाम से शिकागो समेत कई जगहों पर फर्म चलाई

  • अमेरिका, कनाडा, पाकिस्तान, जर्मनी और इंग्लैंड की कई यात्राएं कीं

  • लगभग 7 भाषाओं का जानकार

डेविड हेडली का बचपन का दोस्त

तहव्वुर राणा 26/11 हमलों के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का बचपन का दोस्त है। अमेरिकी कोर्ट दस्तावेजों के अनुसार, राणा को हेडली की गतिविधियों और आतंकी प्लानिंग की जानकारी थी। वह न सिर्फ हेडली को लॉजिस्टिक और आर्थिक मदद देता था बल्कि उसे आतंकी संगठनों से जोड़ने में भी भूमिका निभाता था।

क्या हुआ था 26/11 को?

26 नवंबर 2008 को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने समुद्र मार्ग से मुंबई पहुंचकर चार दिनों तक कहर बरपाया था। इन हमलों में 175 लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा घायल हुए थे। मारे गए लोगों में 9 आतंकी भी शामिल थे।

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