
- अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ “शानदार साझेदार” बताया
- पाक आर्मी चीफ को अमेरिकी सेना दिवस की परेड में न्योता
- ट्रम्प की भारत-पाक तनाव सुलझाने में भूमिका दोहराई गई
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने गुरुवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बुधवार को अमेरिका से भारत को तीन कूटनीतिक झटके लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि ये घटनाएं भारत-अमेरिका संबंधों और भारत की कूटनीति पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, “जो सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी प्रधानमंत्री हैं, उन्हें अब सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और विपक्षी नेताओं से बातचीत करनी चाहिए।”
जयराम रमेश ने गिनाए अमेरिका से मिले 3 बड़े झटके:
1. पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी साझेदार बताया गया
जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिका की सेंट्रल कमांड के चीफ जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को एक शानदार (phenomenal) आतंकवाद विरोधी साझेदार करार दिया।
उन्होंने सवाल उठाया – “क्या यही पाकिस्तान नहीं है जहां ओसामा बिन लादेन 10 साल तक छिपा रहा और 2011 में अमेरिकी ऑपरेशन में मारा गया था?”
2. पाक आर्मी चीफ को अमेरिका बुलाया गया
रमेश ने बताया कि अमेरिका ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को 14 जून को अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ पर आयोजित परेड में शामिल होने का न्योता भेजा है।
उन्होंने कहा, “ये वही मुनीर हैं जिनके भड़काऊ बयानों के बाद पहलगाम आतंकी हमला हुआ था। क्या ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित करना भारत के हितों के खिलाफ नहीं?”
3. अमेरिका ने फिर ट्रम्प की मध्यस्थता की बात दोहराई
कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने दोबारा दावा किया कि भारत-पाक तनाव को कम करने में डोनाल्ड ट्रम्प और मार्को रुबियो की भूमिका रही है।
रमेश ने इसे भारत की संप्रभुता और कूटनीतिक स्थिति के लिए अपमानजनक बताया।
अमेरिका दौरे पर पाक सेना प्रमुख
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर इस हफ्ते अमेरिका दौरे पर हैं। वे 14 जून को वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी सेना की 250वीं वर्षगांठ पर आयोजित परेड में शामिल होंगे।
इस दिन अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का 79वां जन्मदिन भी है।
मुनीर इससे पहले 2023 में अमेरिका गए थे, जहां उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन, विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की थी।
कांग्रेस की मांग: विपक्ष को भरोसे में ले सरकार
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे सिर्फ विदेश यात्राओं पर गए सांसदों से नहीं, बल्कि सभी विपक्षी दलों के नेताओं से मिलें और हालात पर चर्चा करें।
उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक नहीं, कूटनीतिक एकता दिखाने का है।








