
- लखनऊ सफाई व्यवस्था पर मंत्री सुरेश खन्ना का औचक निरीक्षण
- गंदगी मिलने पर 4 अधिकारियों और कई कर्मचारियों का वेतन काटा गया
- जनता ने कहा – “कभी नहीं लगती झाड़ू”
लखनऊ। शहर में सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना का पारा चढ़ गया। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई जगह कूड़े के ढेर और चोक नालियां मिलीं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जोन-1 और जोन-3 के जोनल अधिकारियों व सफाई निरीक्षकों (SFI) का दो-दो दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। इसके अलावा अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के आदेश दिए।
निरीक्षण में मंत्री के साथ मेयर सुषमा खर्कवाल और विधायक नीरज बोरा भी मौजूद रहे। ये प्रतिनिधि अमीनाबाद, डालीगंज, अयोध्यादास सेकंड, फैजुल्लागंज और विवेकानंदपुरी वार्ड का दौरा किया। सभी स्थानों पर गंदगी की स्थिति चिंताजनक पाई गई।
स्थानीय लोगों ने कहा- “कभी नहीं लगती झाड़ू”
अमीनाबाद में जब मंत्री ने स्थानीय लोगों से पूछा, “क्या यहां झाड़ू लगती है?” तो जवाब मिला – “कभी नहीं लगती, सर!” यह सुनते ही मंत्री ने तत्काल लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि लखनऊ की प्रमुख सड़कों की बजाय अब गलियों की सफाई पर फोकस होना चाहिए।
15 दिनों में सड़क बनाने और पार्क विकसित करने का निर्देश
अमीनाबाद के घंटाघर पार्क के पास रोड पर कब्जा करके कूड़ाघर बना दिए जाने पर भी मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने 15 दिन में सफाई कराने और उत्तर से दक्षिण की ओर जाने के लिए 100 मीटर लंबी सड़क निर्माण का निर्देश दिया, जिससे कूड़ाघर हटाकर वहां पार्क विकसित किया जा सके।
पिछले निरीक्षण से सबक, अब कार्रवाई भी
एक महीने पहले मंत्री ने सरोजिनी नगर में निरीक्षण किया था, तब निरीक्षण से पहले रातों-रात सफाई कर दी गई थी। लेकिन इस बार दैनिक भास्कर में खबर आने के बाद मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए वास्तविक स्थिति में निरीक्षण किया और कार्रवाई भी सुनिश्चित की।
सख्त निर्देश: डेली सफाई जरूरी
प्रभारी मंत्री ने कहा कि कालीदास मार्ग और गौतमपल्ली जैसे क्षेत्रों में तो सफाई हो जाती है, लेकिन गलियों की स्थिति बेहद खराब है। नगर आयुक्त को इस संबंध में लिखित रिपोर्ट भेजी जाएगी। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि “डेली मॉनिटरिंग और नियमित सफाई ही एकमात्र समाधान है।”








