- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से कहा– फिल्म पर रोक असंवैधानिक
- सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने के बाद फिल्म पूरे देश में दिखाई जा सकती है
- कोर्ट ने हाईकोर्ट की माफी संबंधी टिप्पणी को भी अनुचित बताया
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ को कर्नाटक में रिलीज नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई फिल्म सेंसर बोर्ड से प्रमाणित है, तो उसे देशभर में प्रदर्शित होने से नहीं रोका जा सकता।
जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा –
“फिल्में लोगों पर जबरन नहीं थोपी जातीं। अगर किसी को नहीं देखनी है तो न देखे, लेकिन प्रतिबंध लगाना असंवैधानिक है।”
राज्य सरकार को 1 दिन में स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से कहा कि वह फिल्म की रिलीज न होने को लेकर स्थिति एक दिन में स्पष्ट करे। कोर्ट ने यह भी बताया कि मामला अब हाईकोर्ट से ट्रांसफर कर सुप्रीम कोर्ट में ही सुना जाएगा। अगली सुनवाई 19 जून को तय की गई है।
विवाद की वजह: कमल हासन का कन्नड़ भाषा पर बयान
विवाद की शुरुआत 24 मई को चेन्नई में ‘ठग लाइफ’ के ऑडियो लॉन्च इवेंट से हुई, जहां कमल हासन ने कथित रूप से कहा था कि
“कन्नड़ भाषा, तमिल से जन्मी है।”
इस बयान के बाद कर्नाटक में हासन और उनकी फिल्म के खिलाफ जबरदस्त विरोध शुरू हो गया।
कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (KFCC) ने फिल्म की रिलीज रोक दी और कहा कि हासन को पहले सार्वजनिक माफी मांगनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की टिप्पणी पर भी जताई आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट की उस टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई जिसमें कमल हासन को माफी मांगने का सुझाव दिया गया था। कोर्ट ने कहा,
“यह कहना कि कोई कलाकार माफी मांगे, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है। हाईकोर्ट को ऐसी टिप्पणी से बचना चाहिए।”








