लखनऊ में किसानों का उग्र प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी

  • हजरतगंज जाने से रोका, पुलिस से नोकझोंक
  • केडी सिंह बाबू स्टेडियम के सामने धरना
  • कमलेश यादव बोले- “दोगुनी आय सिर्फ कागजों में”

लखनऊ। राजधानी लखनऊ आज किसानों के उग्र प्रदर्शन का गवाह बनी। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के बैनर तले किसानों ने परिवर्तन चौक से हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा तक मार्च निकालने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोका, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और किसानों के बीच तीखी बहस के बाद प्रदर्शनकारी केडी सिंह बाबू स्टेडियम के सामने कपड़े उतारकर धरने पर बैठ गए।

नारेबाजी और नाराजगी के साथ धरना
प्रदर्शनकारी किसानों ने ‘जय जवान-जय किसान’ और ‘किसानों ने ठाना है, अपनी बात मनवाना है’ जैसे नारे लगाए। हाथों में लाठी और यूनियन का झंडा थामे किसान सरकार और कृषि विभाग पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी सीधी वार्ता नहीं होती, वे वहां से नहीं हटेंगे।

“कागजों में दोगुनी आय, जमीन पर जीरो”
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने कहा कि किसानों को सिर्फ कागजों में दोगुनी आय दिखाई जा रही है। जमीन पर न बिजली मिल रही, न खाद, न पानी, न मदद। उन्होंने कहा, “सरकार कहती है किसान की आय दोगुनी हुई, लेकिन खेत में मेहनत करने वाले को उसका हक तक नहीं मिल रहा।”

कृषि मंत्री को भी ठग लिया गया – अध्यक्ष
कमलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि नकली खाद की बिक्री पर कार्रवाई के दौरान खुद कृषि मंत्री से 400 रुपए ज्यादा वसूले गए। उन्होंने सवाल उठाया, “जब मंत्री को ही ठग लिया गया तो आम किसान का क्या हाल होगा?” उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को नकली बीज, दवा और खाद दी जा रही है और कोई अधिकारी इसकी जांच नहीं करता।

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