
- राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों भारतीय मूल के
- गिरमिटिया मजदूरों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ
- रक्षा, ऊर्जा, कृषि और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी 5 देशों की विदेश यात्रा के तहत 3 जुलाई को त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1999 के बाद इस देश की पहली आधिकारिक यात्रा है। पीएम मोदी की यह ऐतिहासिक यात्रा भारत और त्रिनिदाद के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है।
भारतीय मूल के नेताओं से भेंट करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी को त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर और राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कांगालू ने आमंत्रित किया है। दोनों ही नेता भारतीय मूल की हैं और यह यात्रा भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए एक विशेष भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक मानी जा रही है।
180वीं गिरमिटिया वर्षगांठ का प्रतीक है यह यात्रा
इस वर्ष त्रिनिदाद एंड टोबैगो में भारतीय मजदूरों के पहले आगमन की 180वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। 1845 में फातेल रज्जाक नामक जहाज 225 भारतीय मजदूरों को लेकर त्रिनिदाद पहुंचा था, जिनमें अधिकांश यूपी और बिहार के थे। ये मजदूर अनुबंधित ‘गिरमिटिया’ कहलाए और आज उनके वंशज वहां की आबादी का करीब 40% हिस्सा हैं।
कई क्षेत्रों में होंगे सहयोग और समझौते
पीएम मोदी की यात्रा के दौरान रक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, डिजिटल पेमेंट (UPI), कृषि और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर होने की संभावना है।








