लखनऊ। डालीबाग स्थित बहुचर्चित अलाया होम्स अपार्टमेंट एक बार फिर सुर्खियों में है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) जल्द ही इस अपार्टमेंट की अवैध मंजिलों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर सकता है। प्राधिकरण ने इसके लिए आवासीय फ्लैट धारकों को घर खाली करने का नोटिस भी जारी कर दिया है।
एलडीए की सख्ती के खिलाफ एकजुट हुए निवासी
एलडीए की कार्रवाई के खिलाफ अब सोसायटी के निवासी लामबंद हो रहे हैं। बुधवार को अलाया होम्स परिसर में एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी। निवासियों का कहना है कि वे आवास सचिव के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
क्या है पूरा मामला?
एलडीए ने अप्रैल 2023 में अलाया होम्स के खिलाफ अवैध निर्माण को लेकर आदेश पारित किया था। नक्शा केवल दो मंजिलों के लिए पास किया गया था, लेकिन बिल्डर ने पांच मंजिलें बना डालीं। इस आधार पर ऊपर की तीन मंजिलों को अवैध घोषित किया गया है।
एलडीए ने अप्रैल और अगस्त 2023 में ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए थे। इसके खिलाफ निवासी शक्ति सिंह ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की थी, जिसे आवास सचिव डॉ. बलकार सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब एलडीए का आदेश फिर से प्रभावी हो गया है।
35 फ्लैटों पर संकट
अलाया होम्स में करीब 35 फ्लैट हैं, जिनमें परिवार रह रहे हैं। अगर एलडीए कार्रवाई करता है, तो इन सभी परिवारों को अपना आशियाना छोड़ना पड़ सकता है।
याजदान इंफोकान के अन्य प्रोजेक्ट भी घेरे में
इस अपार्टमेंट का निर्माण करने वाला याजदान इंफोकान बिल्डर पहले से ही कई विवादों में घिरा है। हजरतगंज, डाली बाग और महानगर में इसके अन्य प्रोजेक्ट भी एलडीए की जांच के घेरे में हैं। एलडीए की रिपोर्ट में सामने आया है कि कई परियोजनाओं में मंजूरी से अधिक मंजिलें बनाकर बेची गई हैं।
उल्लेखनीय है कि प्राग नारायण रोड स्थित एक अपार्टमेंट को एलडीए पहले ही गिरा चुका है। वहीं वजीर हसन रोड वाला अपार्टमेंट 24 जनवरी 2023 को खुद ही ढह गया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से ही बिल्डरों और अफसरों की मिलीभगत के खिलाफ जांच शुरू हुई थी।








