- एलडीए ने अलाया होम्स की तीन मंजिलों को अवैध घोषित किया
- कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका खारिज होने के बाद कार्रवाई तेज
- 55 फ्लैट्स वाले अपार्टमेंट में दहशत का माहौल
लखनऊ। डालीबाग स्थित अलाया होम्स अपार्टमेंट एक बार फिर विवादों के घेरे में है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इस अपार्टमेंट की अवैध मंजिलों को गिराने की तैयारी शुरू कर दी है। एलडीए द्वारा जारी नोटिस के बाद सोसाइटी के आवंटियों में हड़कंप मच गया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब निर्माण हो रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारी कहां थे?
कोर्ट से नहीं मिली राहत, एलडीए ने तेज की कार्रवाई
एलडीए ने अप्रैल 2023 में इस सोसाइटी के अवैध निर्माण को लेकर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था। इस आदेश को सोसाइटी के एक निवासी शक्ति सिंह ने आवास सचिव की कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन याचिका खारिज हो गई। अब एलडीए इस आदेश को लागू करने की तैयारी में जुट गया है।
क्या है पूरा मामला
एलडीए ने अलाया होम्स का नक्शा केवल दो मंजिलों के लिए पास किया था, जबकि बिल्डर ने पांच मंजिला इमारत खड़ी कर दी। अवैध रूप से बनी तीन मंजिलों को अब गिराने की तैयारी हो रही है। इस आदेश के बाद सोसाइटी में दहशत का माहौल है। लोगों को डर है कि कहीं उनका आशियाना न उजड़ जाए।
सोसाइटी में मची हलचल, कोर्ट जाने की तैयारी
अपार्टमेंट के निवासी इस कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। सोसाइटी में आपात बैठक बुलाई गई है। अध्यक्ष शक्ति सिंह का कहना है कि 2012 में फ्लैट खरीदे गए थे, तब नक्शा और दस्तावेज सब सही दिखाए गए थे। अब कार्रवाई क्यों? यह सवाल लोगों के मन में है। सोसाइटी के लोग एलडीए के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
55 फ्लैट्स वाले अपार्टमेंट में रह रहे हैं परिवार
अलाया होम्स और एंड्रॉयड में कुल 55 फ्लैट्स हैं। एलडीए की कार्रवाई से इनमें रहने वाले सैकड़ों लोग प्रभावित हो सकते हैं। लोगों का आरोप है कि दोषी बिल्डर हैं, फिर नुकसान उन्हें क्यों भुगतना पड़ रहा है?
बिल्डर के अन्य प्रोजेक्ट भी जांच के घेरे में
इस अपार्टमेंट का निर्माण याजदान इंफोकॉन ने किया है। इसके अन्य प्रोजेक्ट भी जांच के दायरे में हैं। हजरतगंज, महानगर और डालीबाग के कई अपार्टमेंट्स में भी मानचित्र से अधिक मंजिलें बनाने के आरोप हैं। वजीर हसन रोड का एक अपार्टमेंट 2023 में गिर चुका है, जिसमें तीन मौतें हुई थीं। इसके बाद से ही एलडीए ने जांच तेज कर दी थी।








