- छांगुर बाबा के भतीजे सबरोज का अवैध मकान गिरा
- ATS ने 19 जुलाई को सबरोज को किया था गिरफ्तार
- धर्मांतरण गिरोह में था शामिल, स्थानीय संचालन करता था
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण गैंग के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को प्रशासन ने बलरामपुर जिले के रेहरा माफी गांव में छांगुर बाबा के भतीजे सबरोज के अवैध मकान पर बुलडोजर चला दिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो बुलडोजरों ने महज 30 मिनट में पूरा घर जमींदोज कर दिया।
सबरोज, जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के भाई इशहाक का बेटा है और एटीएस की जांच में वह भी धर्मांतरण गिरोह का सक्रिय सदस्य निकला है। वह छांगुर के बलरामपुर स्थित नेटवर्क का संचालन करता था।
7 मिनट में छत, 10 मिनट में दीवारें और पिलर गिरे
शनिवार सुबह करीब 11 बजे एसडीएम सत्यपाल प्रजापति, एएसपी विशाल पांडेय और सीओ राघवेंद्र सिंह की निगरानी में कार्रवाई शुरू हुई। उतरौला कोतवाली की फोर्स समेत करीब 30 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। दो बुलडोजरों ने पहले छत तोड़ी, फिर दीवारें और पिलर गिरा दिए। कार्रवाई महज आधे घंटे में पूरी हो गई।
300 स्क्वायर फीट पर बना था अवैध मकान
प्रशासन के मुताबिक सबरोज ने सरकारी नवीन परती जमीन पर अवैध रूप से 300 स्क्वायर फीट का मकान बना लिया था। मकान में एक कमरा, एक किचन और बरामदा था। उसे 15 मई और 29 जून को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंतिम चेतावनी 18 जुलाई को दी गई थी, जिसकी मियाद 23 जुलाई को खत्म हो चुकी थी।
धर्मांतरण नेटवर्क का स्थानीय संचालक निकला सबरोज
एटीएस की जांच में सामने आया है कि सबरोज पहले शादियों में बैंड-बाजा बजाता था और कव्वालियां करता था। इसी दौरान वह छांगुर बाबा के संपर्क में आया और धर्मांतरण के नेटवर्क से जुड़ गया। उसका मकान छांगुर की कोठी से सिर्फ 1 किमी की दूरी पर था।
परिवार गायब, पत्नी बच्चों संग मायके चली गई
कार्रवाई से पहले सबरोज की पत्नी दो बच्चों के साथ मायके चली गई। पड़ोसियों के अनुसार, परिवार को पहले से ही बुलडोजर एक्शन की भनक लग चुकी थी।
कोठी पर भी चल चुका है बुलडोजर
इसके पहले प्रशासन ने 8, 9 और 10 जुलाई को छांगुर बाबा की महिला मित्र नसरीन के नाम पर दर्ज आलीशान कोठी पर बुलडोजर चलाया था। 3 करोड़ की इस कोठी से अस्पताल, डिग्री कॉलेज का हॉल और अस्तबल समेत बड़े निर्माण गिराए गए थे। करीब 1 लाख क्विंटल मलबा निकाला गया था।
गांव में चार थानों की फोर्स और PAC तैनात
ध्वस्तीकरण के दौरान गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों की फोर्स और पीएसी को तैनात किया गया। बलरामपुर डीएम पवन अग्रवाल और एसपी विकास कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।







