
- बीएचयू अस्पताल में लॉ छात्रों और डॉक्टरों के बीच मारपीट
- जूनियर डॉक्टर पर हेल्थ कार्ड फेंकने और इलाज से इनकार का आरोप
- दो छात्रों और एक गार्ड को चोट, विरोध में छात्र बैठे धरने पर
वाराणसी। बीएचयू के एसएस हॉस्पिटल में शनिवार दोपहर जूनियर डॉक्टर और लॉ विभाग के छात्रों के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना में दो लॉ छात्रों और एक सुरक्षा गार्ड को चोटें आई हैं। इसके बाद गुस्साए छात्रों ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
छात्रों ने अस्पताल के बाहर धरना भी शुरू कर दिया, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए। मौके पर पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र नहीं माने। हंगामा दोपहर 1 बजे शुरू हुआ और देर शाम 5 बजे तक जारी रहा।
इलाज कराने पहुंचा था छात्र, कहा-सुनी के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, लॉ विभाग का छात्र मिथिलेश कुमार गुप्ता गैस्ट्रोलॉजी विभाग के कैमरा नंबर 19 में इलाज कराने पहुंचा था। आरोप है कि रिपोर्ट दिखाने के दौरान एक जूनियर डॉक्टर ने उसका हेल्थ कार्ड फेंक दिया और देखे जाने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर डॉक्टर ने उससे धक्का-मुक्की की और कहा कि अब कोई भी डॉक्टर उसे नहीं देखेगा।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों से की गई मारपीट
छात्र ने अपने साथियों को बुलाया, जिसके बाद छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू किया और डॉक्टर से माफी की मांग की। इस बीच छात्रों का आरोप है कि डॉक्टरों और प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने लाइट बंद कर उनसे मारपीट की। छात्रों ने इसका वीडियो भी बनाया है। इस दौरान तीन छात्रों को मामूली चोटें आई हैं।
नशे में धुत सुरक्षा अधिकारी पर आरोप
छात्र मिथिलेश ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे एक सुरक्षा अधिकारी नशे में थे और उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपशब्द कहे और गालियां दीं। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों से हाथापाई भी की। इस हमले में दो छात्रों – नीतीश सिंह और रोहन प्रजापति को गंभीर चोटें आईं।
पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही लंका थाना पुलिस और बीएचयू के डिप्टी चीफ प्रॉक्टर मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन छात्र माफी और कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।








