
अंबेडकरनगर। आरपीएफ में तैनात एक महिला आरक्षी ने पति व ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी जाती रही। बेटी के जन्म के बाद प्रताड़ना और बढ़ गई। बीते दिनों महिला थाने में सुलह के प्रयास के दौरान ही पति ने तीन तलाक दे दिया।
दोनों की तैनाती लखनऊ मंडल के अपराध प्रकोष्ठ में, लेकिन घर में बिगड़ते रहे रिश्ते
पीड़िता टांडा क्षेत्र की निवासी है और वर्तमान में रेलवे सुरक्षा बल के लखनऊ मंडल में कार्यरत है। वर्ष 2019 में उसकी शादी बागपत जिले के शिकोहपुर निवासी नौशाद अली से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही नौशाद, उसकी मां, पिता, चचिया ससुर, जेठ, ननद और देवर लगातार दहेज की मांग करते रहे। पीड़िता के अनुसार वह खुद भी आरपीएफ में कार्यरत है, लेकिन इसके बावजूद उसे आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।
गर्भपात से लेकर बीमार बच्ची तक, प्रताड़ना का सिलसिला नहीं थमा
पीड़िता ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही मानसिक तनाव के चलते उसे गर्भपात का सामना करना पड़ा। इसके बाद जब एक बेटी का जन्म हुआ, तो उसके स्वास्थ्य को लेकर तानों और आरोपों की बौछार शुरू हो गई। बच्ची अक्सर बीमार रहती है, जिसे लेकर भी महिला को दोषी ठहराया गया। पीड़िता का कहना है कि बेटी होने के बाद उसका जीवन और अधिक कठिन होता गया।








