उद्यान विभाग की नई पहल- सिंघाड़ा

  • अम्बेडकरनगर में पहली बार सिंघाड़ा, ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती को मिलेगा बढ़ावा
  • किसानों को मिलेगी लागत पर 40% तक सब्सिडी
  • पंजीकरण “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर

अम्बेडकरनगर। जिले में परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए अब किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर मोड़ने के लिए उद्यान विभाग ने कमर कस ली है। पहली बार जिले में सिंघाड़ा, ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी उन्नत फसलों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत योजनाएं शुरू की गई हैं।

“पहले आओ, पहले पाओ” पर ऑनलाइन पंजीकरण

जिला उद्यान अधिकारी ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत इच्छुक किसानों को dbt.uphorticulture.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर किया जा रहा है। स्वीकृत किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अनुदान का भुगतान होगा।

किसानों को मिलेगा 40% तक अनुदान

वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार जिले में पपीता, आंवला, बेर, सिंघाड़ा, ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और मसाले वाली फसलों की खेती पर लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसान अधिक लाभकारी व नवाचारी खेती की ओर आकर्षित होंगे।

मशरूम, पॉलीहाउस और कोल्ड स्टोरेज पर भी योजनाएं
केवल फल व मसालों तक ही यह योजना सीमित नहीं है। विभाग ने प्रोजेक्ट आधारित योजनाओं को भी शामिल किया है जिनमें संरक्षित खेती (जैसे पॉलीहाउस व शेडनेट हाउस), मशरूम की खेती, कोल्ड स्टोरेज निर्माण, फल व सब्जी राइपनिंग चैम्बर की स्थापना आदि पर भी आकर्षक अनुदान दिया जाएगा।

दस्तावेजों के साथ कार्यालय में जमा करनी होगी पावती
पंजीकरण के उपरांत किसान को ऑनलाइन पावती, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छाया प्रति, खेतौनी की प्रति, ₹10 के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र तथा पासपोर्ट साइज़ फोटो कार्यालय में जमा करनी होगी। तभी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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