
- संसद में राहुल गांधी के तीखे सवालों ने छेड़ी नई राजनीतिक बहस
- ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस ने सरकार की कूटनीतिक विफलता को घेरा
- कांग्रेस नेताओं ने कहा – सरकार का जवाब सिर्फ “झूठ का पुलिंदा”
अम्बेडकरनगर। देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गर्जना के बाद भारतीय राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कूटनीतिक नाकामी और पीओके पर कार्रवाई न करने जैसे सवालों के जरिए राहुल गांधी ने मोदी सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया महासचिव संजय तिवारी ने कहा कि “देश की सबसे बड़ी पंचायत में पहली बार 11 वर्षों में जनता के मन की बात संसद में हुई है और देश ने तय कर लिया है – अब एक ही विकल्प है राहुल गांधी।”
आपरेशन सिंदूर बना ऐतिहासिक बहस का केंद्र
संजय तिवारी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में जो ऐतिहासिक बहस हुई, वह संसदीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को बैसरन घाटी (पहलगाम) में हुए आतंकवादी हमले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता विपक्ष राहुल गांधी लगातार विशेष सत्र की मांग करते रहे, लेकिन सरकार ने टालमटोल की नीति अपनाई।
“भाजपा की नीति और नीयत दोनों संदिग्ध” – डॉ जियाराम वर्मा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉ. जियाराम वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार न तो पारदर्शी है और न ही जवाबदेह। उन्होंने कहा कि संसद सत्र को टालते हुए सरकार ने देश की जनता की भावनाओं को नजरंदाज किया।








