- गाय के गोबर से बनी राखियां नगर निगम में उपलब्ध
- राखियों में तुलसी बीज, लगाने पर उगता है पौधा
- कीमत 15-20 रुपये, रंग-बिरंगे डिजाइन में तैयार
आगरा। रक्षाबंधन पर बाजारों में भले ही सोने-चांदी की राखियों की चमक हो, लेकिन आगरा नगर निगम की गौशाला में तैयार की गई इको-फ्रेंडली राखियां लोगों को खूब भा रही हैं। गाय के गोबर से बनी ये राखियां नगर निगम परिसर में लगाए गए स्टॉल पर उपलब्ध हैं और पर्यावरण के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद बन रही हैं।
तुलसी बीज वाली राखी: त्योहार के साथ हरियाली का संदेश
इन राखियों की खास बात यह है कि इन्हें पूरी तरह प्राकृतिक रूप से तैयार किया गया है और इनमें तुलसी के बीज डाले गए हैं। रक्षाबंधन के बाद इन राखियों को मिट्टी में बोने पर तुलसी का पौधा उग आएगा। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है बल्कि गायों के गोबर को भी उपयोगी बनाती है।
नगर निगम बना रहा गौशालाओं को आत्मनिर्भर
आगरा नगर निगम की ओर से गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पहले भी दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और होली पर गो-काष्ठ तैयार किए गए थे। अब रक्षाबंधन पर यह नई पहल लोगों को आकर्षित कर रही है।
15 से 20 रुपये में उपलब्ध है राखियां
स्टॉल संचालक प्रांकुर जैन ने बताया कि राखियों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से तैयार किया गया है। इनकी कीमत 15 से 20 रुपये रखी गई है। लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इन राखियों को रंग-बिरंगे रूप में भी तैयार किया गया है।







