- एटा में 17 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत से फैला तनाव
- परिजनों ने पुलिस पर थाने में पीटने का लगाया आरोप
- शव को ट्रैक्टर में रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
एटा । जिले के निधौली कलां थाना क्षेत्र के चंद्रभानपुर गांव में 17 वर्षीय युवक सत्यवीर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शव गांव से करीब 500 मीटर दूर सड़क किनारे मिला। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे पूछताछ के नाम पर थाने बुलाकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, वहीं परिजन शव को लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया।
थाने में पिटाई के बाद छोड़ा, सुबह सड़क किनारे मिला शव
परिजनों के अनुसार, लड़की को भगाने के आरोप में पुलिस ने सत्यवीर को 1 अगस्त की सुबह बड़े भाई योगेंद्र और मामा के साथ थाने बुलाया था। पुलिस ने भाई और मामा को भगा दिया और सत्यवीर को पूछताछ के नाम पर रातभर थाने में रखा गया। परिजनों का दावा है कि थाने में पुलिस ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। सुबह युवक का शव गांव से कुछ दूर मिला।
परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया
सत्यवीर जयपुर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। गांव लौटने के बाद उसे थाने बुलाया गया था। परिजनों ने थाना प्रभारी समेत दो दरोगा और तीन अन्य पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप लगाया है। उन्होंने मजिस्ट्रेटी जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के विरोध में परिजन शव को ट्रैक्टर में रखकर एसएसपी कार्यालय पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया।
एसएसपी ने दो दरोगा को किया लाइन हाजिर, जांच के आदेश
एसएसपी श्याम नारायण सिंह ने घटना की जानकारी मिलते ही कार्रवाई की घोषणा की। फिलहाल दरोगा सुरेंद्र यादव और आसिफ अली को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि युवक को पूछताछ के बाद वकील और परिजनों के सामने सकुशल छोड़ा गया था।
विधायक पहुंचे पोस्टमॉर्टम हाउस, पीड़ित परिवार को दिलाया भरोसा
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
पुलिस का दावा- युवक ने आत्महत्या की
पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह कस्टोडियल डेथ नहीं है। युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था। बाद में उसने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या की। वहीं सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि घटना को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।







