
- गोरखपुर कलक्ट्रेट की नई बिल्डिंग निर्माण में हुआ विवाद
- अधिवक्ताओं ने रास्ता बंद करने पर जताया विरोध
- मजदूरों ने लोहे की रॉड और रिवॉल्वर से किया हमला
गोरखपुर। कलक्ट्रेट की नई बिल्डिंग निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और अधिवक्ताओं के बीच हुई मारपीट व हंगामे के मामले में मंगलवार को कैंट थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया। यह घटना 1 अगस्त को सामने आई थी, जिसके बाद जिला अधिवक्ता एसोसिएशन लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा था।
एसोसिएशन के महामंत्री चंद्र प्रकाश मिश्रा की तहरीर पर जानलेवा हमला, लूट, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में निर्माण कार्यदायी संस्था वेनसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के ठेकेदार आला वीरा बैंकटा नारायण, सचिन यादव और 50 अन्य मजदूर शामिल हैं।
रजिस्ट्री कार्यालय का रास्ता जबरन किया गया बंद
तहरीर के मुताबिक, 1 अगस्त को वेनसा इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने रजिस्ट्री कार्यालय तक जाने वाला रास्ता जबरन बंद कर दिया। अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया तो ठेकेदारों और मजदूरों ने रॉड और रिवाल्वर से लैस होकर उन पर हमला कर दिया। यह भी आरोप लगाया गया है कि सचिन यादव के हाथ में रिवाल्वर थी।
डीएम के निर्देश पर खुला था रास्ता
महामंत्री ने बताया कि इससे पहले 19 जुलाई को एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। जिलाधिकारी ने अपर नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश देकर 20 व 23 जुलाई को मौका मुआयना कराया और रास्ता खुलवाया। इसके बावजूद निर्माण संस्था ने दोबारा रास्ता बंद कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
इस पूरे मामले में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।








