
- ‘वोट के लिए हिंदू, नौकरी के लिए दलित’—अभ्यर्थियों के नारे
- सुप्रीम कोर्ट में 22 बार सुनवाई टली, अभ्यर्थियों में नाराजगी
- सरकार पर भेदभाव का आरोप, न्याय की मांग तेज
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को प्रदर्शनकारी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास की ओर कूच करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की—“हम वोट के लिए हिंदू और नौकरी के लिए दलित हो जाते हैं, यह अन्याय मत करो।”
अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण घोटाला हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामला पिछले एक साल से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन सरकार पैरवी नहीं कर रही। अमित कुमार मौर्य ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में 22 से ज्यादा बार डेट लग चुकी है, फिर भी सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की जा रही। 5 साल से हम सड़कों पर भटक रहे हैं।”
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अभ्यर्थियों को उपमुख्यमंत्री के आवास से पहले ही रोक दिया। अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। अभ्यर्थियों ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए न्याय दिलाने की मांग की।








