
- पल्लवी बोलीं- “अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है”
- सोनेलाल पटेल को याद कर कहा- हक की लड़ाई जारी रहेगी
- महिलाएं शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार के अधिकार के लिए सड़क पर
लखनऊ। अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने शनिवार को लखनऊ की सड़कों पर महिलाओं के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने इस मार्च को ‘दूसरी आजादी का प्रथम क्रांति दिवस’ नाम दिया। पार्टी का दावा है कि प्रदेशभर से करीब 500 महिलाएं इस मार्च में शामिल हुईं।
पुलिस ने रोका मार्च, पल्लवी पटेल को भेजा इको गार्डन
पल्लवी पटेल ने हाथ में तख्ती लेकर नारे लगाए और महिलाओं की अगुवाई करते हुए बापू भवन तक मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर बीच रास्ते में रोक दिया। इसके बाद पल्लवी पटेल को अन्य महिलाओं सहित बस में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया गया।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
मीडिया से बातचीत में पल्लवी पटेल ने कहा, “इस प्रदेश में न कन्याएं सुरक्षित हैं, न महिलाएं। आज वे अपनी दहलीज पार कर लखनऊ तक अपनी आवाज उठाने आई हैं। सरकार बताए कि जातिगत जनगणना कब होगी, ताकि महिलाओं को उनके अधिकार मिल सकें।” उन्होंने आगे कहा, “अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है। महिलाएं अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतर चुकी हैं और हम हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।”
सोनेलाल पटेल को किया याद
पल्लवी पटेल ने कहा कि उनके पिता सोनेलाल पटेल ने कमेरों, किसानों और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनेलाल पटेल की सुनियोजित हत्या हुई थी। पल्लवी ने कहा, “उनकी पुण्यतिथि पर पूरा समाज हर साल ‘दूसरी आजादी का प्रथम क्रांति दिवस’ के रूप में यह आंदोलन करता है।”
महिलाओं के मुद्दों पर फोकस
उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी सुरक्षा, घर की सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा और रोजगार, रसोई के अधिकार के लिए सड़क पर उतर रही हैं। “पुलिस हमें यहां से हटा सकती है, लेकिन हम अपने अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे,” पल्लवी पटेल ने स्पष्ट कहा।








