
अंबेडकरनगर। हरतालिका तीज के पावन पर्व पर मंगलवार को जिले भर में धर्म, आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करते हुए अपने अखंड सौभाग्य की कामना की। तड़के से देर शाम तक जिले के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। मंदिरों में विशेष साज-सज्जा, पूजन-अर्चन और भजन-कीर्तन की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
प्रमुख शिवालयों में पूजन का दौर रहा जारी
हरतालिका तीज के अवसर पर अकबरपुर, टांडा, जलालपुर, महरुआ, आलापुर, बसखारी, भीटी, कटेहरी समेत जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
पंडाटोला शिवालय, मीरानपुर शिव मंदिर, गायत्री मंदिर और शिवधाम इल्तिफातगंज रोड सहित अन्य स्थलों पर सुबह से ही व्रती महिलाओं की कतारें लग गईं। भक्तों ने बेलपत्र, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य और पंचामृत से भगवान शिव-पार्वती का विधिवत पूजन किया।
निर्जला व्रत के साथ महिलाओं की आस्था रही अडिग
हरतालिका तीज का व्रत विशेष रूप से कठिन माना जाता है। महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला रहकर व्रत का पालन किया। न किसी प्रकार का अन्न, न जल ग्रहण किया गया। व्रती महिलाओं ने परंपरागत वेशभूषा में सजधजकर पूजन में भाग लिया। पूजन के उपरांत मंदिरों में संगीतमय भजन-कीर्तन व मंत्रोच्चार का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने समूहिक रूप से भाग लिया।
प्रशासन और प्रबंधन की रही सतर्कता
पर्व के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समितियों द्वारा सुरक्षा व सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। जल की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे।








