
- DVVNL में 2.17 करोड़ का एरियर घोटाला उजागर
- मुख्य आरोपी लिपिक पवन फरार, दो कर्मचारी गिरफ्तार
- एक्सईएन की आईडी से बढ़ाए गए एरियर, रकम ट्रांसफर
आगरा। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) में 2.17 करोड़ रुपये के एरियर घोटाले में निलंबन की कार्रवाई के नौ दिन बाद मुख्य आरोपी लिपिक और दो अन्य कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कमला नगर थाने में अधिशासी अभियंता की शिकायत पर की गई।
जांच में सामने आया घोटाले का तरीका
जांच में खुलासा हुआ कि टेस्ट डिविजन में तैनात एकाउंट लिपिक पवन ने अधिशासी अभियंता (XEN) की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करते हुए गलत तरीके से एरियर बनाया। इसके बाद रकम तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई।
कितनी रकम कहां गई
पवन के खाते में: ₹1.8 करोड़
लिपिक पिंकी देवी के खाते में: ₹64.51 लाख
सफाईकर्मी छिंगाराम के खाते में: ₹34.57 लाख
घोटाला फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच हुआ। ऑडिट में घोटाले का खुलासा होने के बाद दो कर्मचारियों ने रकम वापस कर दी, लेकिन मुख्य आरोपी पवन फरार है।
मिलीभगत और जिम्मेदार अधिकारी
पवन ने आईडी हासिल कर साजिश के तहत एरियर बढ़ाकर रकम निकाली। इस घोटाले में लिपिक पिंकी देवी और सफाईकर्मी छिंगाराम की भी मिलीभगत पाई गई।
जांच में दो अधिशासी अभियंताओं की लापरवाही भी सामने आई। इस पर DVVNL के एमडी नितीश कुमार ने पांचों को निलंबित कर दिया। इसके अलावा तत्कालीन अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार सिंह (मुख्यालय) और विजय प्रकाश (झांसी) के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई।








