
- अन्य दोषियों पर भी मारपीट और छेड़छाड़ के मामलों में अर्थदंड
- न्यायालय का सख्त रुख और कानून का संदेश
- पुलिस और न्यायालय के संयुक्त प्रयास से अपराधियों पर कार्रवाई
अंबेडकरनगर। विशेष न्यायाधीश एएसी/एसटी एक्ट ने सगे भाई समेत तीन दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा, हर दोषी पर 7000-7000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह सजा वर्ष 2012 में दर्ज एक मारपीट और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामले में सुनवाई के बाद सुनाई गई।
आलापुर पुलिस ने आमा दरवेशपुर गांव के सगे भाई लालमन, मलखान और रुदल उर्फ रुद्रप्रताप के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान दोषियों को अपराधी पाया और उन्हें तीन साल की सजा और अर्थदंड की सजा सुनाई।
सजा और अर्थदंड का मामला:
विशेष न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषियों को कारावास और अर्थदंड की सजा दी। दोषियों के खिलाफ आरोप पत्र में मारपीट, एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर आरोप थे। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें सजा का प्रावधान किया।
मारपीट और छेड़छाड़ के दोषियों पर भी सजा:
न्यायालय ने मारपीट और छेड़छाड़ के दोषियों पर भी अर्थदंड लगाया है। सम्मनपुर पुलिस ने मिर्जापुर गांव के अरविंद उर्फ रामसागर के खिलाफ वर्ष 1999 में छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। इस मामले में न्यायाधीश ने दोषी को 2200 रुपए का अर्थदंड लगाया।
इसी तरह, पलई कल्याणपुर गांव के देवनरायण के खिलाफ वर्ष 2003 में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने उसे 1200 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।








