
जलालपुर (अम्बेडकरनगर)। रामलीला सेवा समिति द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव के दूसरे दिन रामजन्म से लेकर ताड़का वध तक की दिव्य कथा का मंचन किया गया। भक्ति और श्रद्धा से ओत-प्रोत इस आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। रामलीला के हर दृश्य ने दर्शकों को भक्ति और मर्यादा के भाव में डुबो दिया।
पूजन-अर्चन के साथ हुआ शुभारंभ, राम दरबार की आरती ने बांधा समां
रामलीला का शुभारंभ मंच पर विधिवत पूजन-अर्चन और राम दरबार की आरती के साथ हुआ। समिति के अध्यक्ष संजीव मिश्र, संरक्षक मनोज मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष सुशील अग्रवाल, महामंत्री कृष्ण गोपाल गुप्त, उपाध्यक्ष राधेश्याम शुक्ल, मंत्री जनमेजय मिश्र, मीडिया प्रभारी विकास निषाद सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
माँ दुर्गा की झांकी ने किया आकर्षित
रामलीला मंचन से पूर्व प्रस्तुत की गई माँ दुर्गा की झांकी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देवी स्वरूप में सजी कलाकारों की प्रस्तुति ने नवरात्रि की धार्मिक भावना को और भी सशक्त किया। इस झांकी के माध्यम से शक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय संगम देखने को मिला।
रामजन्म और चारों राजकुमारों की झलकियों से गूंजा मैदान
रामलीला मंचन में राजा दशरथ के पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ, कोशल में राम के जन्म, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के जन्मोत्सव का भावनात्मक व सुंदर मंचन किया गया। मंच पर चित्रित हर दृश्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभु राम की बाल लीलाओं की स्मृति से जोड़ दिया। दर्शकों ने हर दृश्य पर तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।








