
- परिवार ने जेल पहुंचकर मुलाकात की, बेटों को रोक दिया गया
- हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद दस्तावेज कारण रिहाई में अटक
- ED ने मनी लांड्रिंग और अवैध संपत्ति मामले में नोटिस थमाया
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की मंगलवार को महराजगंज जेल से रिहाई होनी थी, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) की वीडियो कांफ्रेंसिंग के कारण रिहाई में देरी हो गई। इरफान 2 दिसंबर 2022 से जेल में बंद हैं और उन पर कुल 10 केस दर्ज हैं।
जेल में पहुंचे परिवार के सदस्य
इरफान की विधायक पत्नी नसीम सोलंकी और दोनों बेटे उन्हें लेने जेल पहुंचे। हालांकि, बेटों को गेट पर ही रोक दिया गया और केवल पत्नी अंदर जाकर उनसे मुलाकात कर सकीं। उन्होंने मुलाकात के बाद कहा कि पति की जल्द रिहाई होगी और इसके बाद परिवार के साथ समय बिताएंगे। परिवार ने इरफान के कपड़े और जरूरी सामान जेल के अंदर भेज दिए।
हाईकोर्ट से जमानत, फिर रिहाई में देरी
चार दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में इरफान को जमानत दी थी। यह उनका आखिरी लंबित केस था। हाईकोर्ट से दस्तावेज कानपुर जेल भेजे गए थे, जिसके कारण उनकी रिहाई तीन दिन अटक गई।
ED की नोटिस और जांच
रिहाई के बाद भी प्रवर्तन निदेशालय ने मार्च 2024 में इरफान के पांच ठिकानों पर छापा मारा था। जांच टीम को 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने में सफलता मिली। जांच वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध लेन-देन और बांग्लादेशी नागरिक को आश्रय देने के आरोपों के तहत की गई।
ED लखनऊ जोनल कार्यालय के कंप्लेंट असिस्टेंट डायरेक्टर प्रताप सिंह ने सात अगस्त 2025 को करीब दो हजार पेज का वाद दाखिल किया, जिसमें मनी लान्ड्रिंग, फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने और अवैध संपत्तियां बनाने जैसे आरोप शामिल हैं। विशेष न्यायाधीश ने 19 सितंबर को इरफान सोलंकी समेत अन्य आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए 29 सितंबर को तलब किया।
अगली सुनवाई की तारीख
मन्नू रहमान की ओर से अधिवक्ता मो. सलीम ने ED की विशेष कोर्ट में वाद पत्र की प्रति मांगी। किसी कारणवश पक्ष रखने का अवसर नहीं मिल पाया। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 28 अक्टूबर तय की है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इरफान की रिहाई को देखते हुए जेल के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। 20 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे।








