
सिद्धार्थनगर। इटवा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय भदोखर भदोखरी में तैनात शिक्षक शौकेंद्र ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर बुधवार रात जहर खा लिया। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
शिक्षक के आरोप
शौकेंद्र ने बीईओ के साथ की गई वॉट्सऐप चैट सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया कि बीईओ ने पिछले कई महीनों से उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी।
उनका दो महीने का वेतन रोक रखा गया था।
बीईओ ने रजिस्टर, बच्चों के आधार कार्ड और ऑनलाइन कार्यों को लेकर उन्हें बार-बार बुलाकर अतिरिक्त दबाव डाला।
उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के भी आरोप हैं।
पड़ोसियों और संगठनों का बयान
शिक्षक के साथियों ने बताया कि वे आर्थिक संकट से जूझ रहे थे।
प्राथमिक शिक्षक संघ, इटवा के अध्यक्ष कणुलेश मौर्य ने कहा कि वेतन रोके जाने और बीईओ की प्रताड़ना के कारण शौकेंद्र ने यह कदम उठाया।
पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष लाल यादव ने सरकार और शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ऐसे अतिरिक्त बोझ और उत्पीड़न से मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
अस्पताल में स्थिति
बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि शिक्षक की स्थिति गंभीर है और जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक टीम ने बताया कि शौकेंद्र ने अत्यधिक जहरीला पदार्थ लिया, जिसकी वजह से उनका इलाज जारी है।
शिक्षक संगठनों की मांग
उच्चस्तरीय जांच और दोषी बीईओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
घायल शिक्षक के लिए समुचित चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता।
स्थानीय शिक्षक चेतावनी दे रहे हैं कि प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो जिलेभर में शिक्षक आंदोलन हो सकता है।








