यूपी में मोंथा तूफान का असर: धान की फसल बर्बाद

वाराणसी/झांसी। उत्तर प्रदेश में मोन्था तूफान के असर से आई तेज आंधी-बारिश ने किसानों की खुशहाली पर भारी मार डाली है। झांसी के कुम्हरार गांव में धान की फसल बर्बाद होने से परेशान किसान कमलेश यादव (48) ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दे दी।

कमलेश के बेटे भूपेंद्र यादव ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी करते थे। उनके पास 5 बीघा जमीन थी और वे 10 बीघा का खेत बटाई पर लेकर धान की फसल उगाते थे। गुरुवार और उससे पहले हुई बारिश से खेत में पानी भर गया और पूरी फसल बर्बाद हो गई। पिछले दो-तीन दिन से कमलेश डिप्रेशन में थे।

बड़ी बारिश से फसलों को नुकसान:
वाराणसी, बलिया, मऊ समेत 20 जिलों में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। गांवों में खेतों में पानी भर गया है और धान की फसलें बर्बाद हो रही हैं। बलिया में किसान पानी में डूबे खेतों से फसलें निकालकर ऊंची जगहों पर पहुंचाने को मजबूर हैं। मऊ में हालात सबसे खराब हैं, जहां लगभग 70 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो गई हैं। फतेहपुर और कौशांबी में भी किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

वाराणसी में बीते 30 घंटों से लगातार रिमझिम बारिश हो रही है। शहर का तापमान 8 साल के रिकॉर्ड के बाद सबसे कम अक्टूबर महीने में दर्ज किया गया। लखनऊ में लगातार तीसरे दिन बादल छाए रहे और सूरज का दर्शन नहीं हुआ।

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