
लखनऊ। राजधानी में बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां पर्यटन मंत्री के आवास के पास मथुरा के बरसाना निवासी मां-बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। यह घटना करीब 11:30 बजे हुई। जहर खाने के तुरंत बाद दोनों सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने 38 वर्षीय बलजीत सिंह को भर्ती कर लिया, जबकि 56 वर्षीय मुनेश सिंह की हालत बिगड़ने पर उन्हें KGMU रेफर किया गया।
जमीन सौदे में 43 लाख की ठगी का आरोप
पुलिस को उनके बैग से सल्फास के दो पाउच और मोबाइल फोन मिले। वहीं, बलजीत की जेब से मिली एक एप्लिकेशन ने मामले की परतें खोल दीं। उसमें लिखा है कि मथुरा के भूमाफिया ने—
- 43 लाख रुपए लेकर न प्लॉट दिया, न मकान की रजिस्ट्री
- खरीदे गए 15 लाख के प्लॉट और 28 लाख के मकान पर कब्जा नहीं दिया
- दो साल बाद भी रजिस्ट्री लंबित
- उल्टा घर से बाहर निकाल दिया
- कोर्ट में मामला दायर करने पर दबंगई और धमकियां शुरू हो गईं
आवेदन में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, वे हैं—
जयप्रकाश त्यागी, नरेश त्यागी, पुष्पेंद्र त्यागी, हरि नारायण राय और अभय शर्मा।
आरोप यह भी लगाते हैं कि आरोपी कहते थे—
“हमारा कुछ नहीं कर पाओगे, क्योंकि यूपी सरकार में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी हमारे बिजनेस पार्टनर हैं।”
सीएम आवास की ओर जा रहे थे दोनों
पुलिस सूत्रों के अनुसार मां-बेटा अपनी शिकायत लेकर सीएम आवास की ओर जा रहे थे, लेकिन सुरक्षा घेरा देखकर उन्होंने रास्ते में ही सल्फास खा लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह का इस मामले से कोई संबंध नहीं।
“जनता दरबार में शिकायत के बाद मारपीट, सामान बाहर फेंका”
दो पेज की एप्लिकेशन में यह भी लिखा है कि भाजपा और मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शिकायत करने के बाद भूमाफिया ने—
- उनके साथ मारपीट की
- मां के कपड़े फाड़ दिए
- मकान से सामान बाहर फेंककर ताला जड़ दिया
- चेतावनी दी—
“अगर दोबारा मकान की ओर आए, तो जान से मार देंगे।”








