
सदरपुर (अम्बेडकरनगर)। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को एनटीईपी (राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम) कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक प्राचार्य सभागार में संपन्न हुई। बैठक में वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए तेज और ठोस कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का संचालन एनटीईपी के नोडल अधिकारी डॉ. मुकुल सक्सेना ने किया। बैठक में विभागीय प्रगति, चुनौतियों और अगले चरण की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
टीबी उन्मूलन में सामूहिक प्रयास जरूरी — प्राचार्य
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित END TB 2025 लक्ष्य को हासिल करने में सभी विभागों, मेडिकल स्टाफ और संबंधित अधिकारियों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अब तक की प्रगति की समीक्षा करते हुए जांच, रेफरल और केस फॉलोअप को बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि टीबी का पूर्ण उन्मूलन तभी संभव है जब हर स्तर पर समन्वय, जागरूकता और समयबद्ध चिकित्सा उपलब्धता को प्राथमिकता दी जाए।
जल्द बनेगा ART सेंटर — जिला क्षय रोग अधिकारी
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में ART सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उच्च अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जल्द ही कॉलेज परिसर में ART सेंटर क्रियाशील किया जाएगा, जिससे टीबी और एचआईवी संयुक्त संक्रमण से प्रभावित मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि ART सेंटर शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और सुविधा दोनों का स्तर बढ़ेगा।
जांच और रेफरल बढ़ाने पर जोर
बैठक में सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया गया कि टीबी की जांच संबंधी मामलों को प्राथमिकता दें।








