
स्ट्रीट डॉग्स पुनर्वास आदेश पर पुनर्विचार की मांग
10,000 से अधिक लोगों ने अभियान में भाग लिया
रेबीज टीकाकरण और कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय की आवश्यकता
लखनऊ। लखनऊ में डॉग लवर्स लगातार सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर स्ट्रीट डॉग्स पुनर्वास आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध कर रहे हैं। एनिमल लवर खुशबू ने बताया कि अब तक 10,000 से अधिक लोग इस अभियान में शामिल होकर पत्र भेज चुके हैं। उनका कहना है कि 7 नवंबर के आदेश का वे पूरी तरह विरोध करते हैं।
डॉग्स के लिए ठोस व्यवस्था की मांग
खुशबू ने कहा कि सड़कों पर लावारिस कुत्तों को हटाना उचित नहीं है क्योंकि इसके लिए कोई ठोस व्यवस्था मौजूद नहीं है। उन्होंने ABC नियम 2001 को सशक्त करने, पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के लिए पर्याप्त धन और दक्षता बढ़ाने, और जन जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
जबरन हटाने से होगा नुकसान
डॉग लवर्स का कहना है कि स्ट्रीट डॉग्स को जबरन हटाना न केवल जानवरों के लिए दुखद है, बल्कि पूरे समुदाय पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा। देश में पर्याप्त शेल्टर की कमी और मजबूत व्यवस्था न होने के कारण सामूहिक विस्थापन असंभव है।
स्वास्थ्य और गोद लेने के अभियान की आवश्यकता
खुशबू ने कहा कि रेबीज टीकाकरण को 100% सुरक्षित बनाना और स्ट्रीट डॉग्स की देखभाल पर जोर देना जरूरी है। इसके साथ ही कुत्तों को गोद लेने की पहल को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और समाज में उनके प्रति सकारात्मक रवैया अपनाया जाना चाहिए।
डॉग लवर्स का उद्देश्य है कि स्ट्रीट डॉग्स के लिए सुरक्षित और स्थायी आश्रय सुनिश्चित किया जाए और आदेश पर पुनर्विचार कर उनका हित सुरक्षित किया जाए।








