
अम्बेडकरनगर। प्रमुख सचिव, खाद्य तथा रसद विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा यह जानकारी दी गई है कि विवाह के बाद महिला लाभार्थियों के राशन कार्ड से सम्बंधित कई प्रकरणों में अनियमितताएँ लगातार सामने आ रही हैं। विभाग के अनुसार, नवविवाहित महिलाओं की यूनिट को उनके ससुराल में प्रचलित राशन कार्ड में स्थानांतरित करने के बजाय कई बार नया राशन कार्ड बनवा दिया जाता है, जिससे खाद्यान्न वितरण प्रणाली में भ्रम और अव्यवस्था बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में लाभार्थियों को न केवल असुविधा होती है बल्कि पात्र परिवार समय पर खाद्यान्न से वंचित भी रह जाते हैं।
विवाह के बाद यूनिट स्थानांतरण की प्रक्रिया में बढ़ रही त्रुटियाँ
विभाग ने बताया कि महिलाओं के विवाह उपरांत होने वाला यूनिट ट्रांसफर खाद्य सुरक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बावजूद कई मामलों में देखा गया है कि—ससुराल में पहले से उपलब्ध राशन कार्ड में नाम जोड़ने के बजाय नया कार्ड बनवा लिया जाता है। इससे न केवल यूनिट दोहराव की समस्या उत्पन्न होती है, बल्कि परिवार के सदस्यों की संख्या में गलत प्रविष्टियाँ जुड़ जाती हैं।
इस स्थिति से खाद्यान्न वितरण में बाधाएँ आ रही हैं और लाभार्थियों को लंबे समय तक सत्यापन प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। विभाग ने माना है कि गलत आवेदन और अधूरी जानकारी इस समस्या को और जटिल बना देती है।
ऑनलाइन व्यवस्था से बदलेंगे हालात
विभाग ने इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए डिजिटल प्रक्रिया को मजबूत करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। अब लाभार्थी अपने मोबाइल फोन से ही राशन कार्ड से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएँ स्वयं पूरी कर सकेंगे।








