
- ताजमहल में शाहजहां का 371वां उर्स शुरू, असली कब्रों पर चंदन की रस्म हुई
- 3 दिन तक चलेगा उर्स, पर्यटकों के लिए एंट्री फ्री
- अंतिम दिन सतरंगी चादरपोशी और कव्वाली की रस्म
आगरा: ताजमहल में मुगल बादशाह शाहजहां का 371वां उर्स आज से शुरू हो गया। एएसआई के अफसरों ने तहखाने में 30 फीट नीचे उतरकर शाहजहां-मुमताज की असली कब्रें खोली। इसके बाद गुसल की रस्म और चंदन का लेप लगाकर उर्स की शुरुआत की गई।
उर्स तीन दिन तक चलेगा और इस दौरान पर्यटकों के लिए ताजमहल में नि:शुल्क प्रवेश रहेगा। उर्स के दौरान कव्वाली की धुन गूंजेगी और कब्रों पर देश में खुशहाली के लिए दुआएं की जाएंगी। अंतिम दिन यानी 17 जनवरी को सतरंगी चादरपोशी की रस्म अदा की जाएगी। इस बार चादर 1720 मीटर लंबी होगी और दक्षिणी गेट स्थित हनुमान मंदिर से लेकर मुख्य मकबरे तक पेश की जाएगी।
अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस उर्स का विरोध किया। पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने एएसआई कार्यालय में पुतला जलाकर नारेबाजी की।
उर्स के दौरान कुलशरीफ, कुरानख्वानी और फातिहा पढ़ी जाएगी। दिनभर चादरपोशी और पंखे चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी। एएसआई कमेटी के अध्यक्ष हाजी ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से इस परंपरा में शामिल हैं।
शाहजहां का उर्स इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के रजब माह में मनाया जाता है। इस बार यह 15 से 17 जनवरी तक रहेगा। पर्यटकों को 15 और 16 जनवरी को दोपहर 2 बजे से सूर्यास्त तक, जबकि 17 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक नि:शुल्क प्रवेश मिलेगा।








