
बांदा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने रविवार को बांदा में हनुमंत कथा से पहले दिव्य दरबार लगाया। इस दौरान एक महिला रोते हुए उनके सामने आई और अपनी परेशानियों के लिए गिड़गिड़ाने लगी।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महिला की पर्ची पढ़ी और उसे पंडाल में बैठने के लिए कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपाय किए जा रहे हैं और आज ही प्रेत को उल्टा टांग दिया जाएगा।
भक्तों ने दिखाया आस्था का जज़्बा
थोड़ी ही देर में पंडाल में करीब 100 से अधिक महिलाएं, युवतियां और पुरुष उपस्थित हो गए। कुछ बाल खोलकर शरीर झटका रहे थे, तो कुछ जमीन पर लोट रहे थे। पंडित धीरेंद्र शास्त्री जोर-जोर से “राम-राम” का जाप करते हुए पूरे पंडाल में भक्तों को आशीर्वाद दे रहे थे।
उन्होंने कहा, “सेनापति सिर पर प्रभाव करो, फिर पूरे शरीर पर प्रभाव करो। जितना इनको परेशान किया है, उतना ही प्रेत को मार-मारकर भगाया जाए। बालाजी की सेना को छोड़ी जाए, जहां-जहां प्रेत रोगी बैठे हैं, उनको मार-मारकर लाया जाए।”
हनुमंत कथा का तीसरा दिन
हनुमंत कथा 16 दिसंबर से शुरू हुई थी। रविवार को पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि गली-गली में बजरंग बली का शोर है। उन्होंने भक्तों से आस्था बनाए रखने और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।








