
स्वास्थ्य भवन चौराहा, कैसरबाग में आप कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने कड़ा कार्रवाई की
पार्टी ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मंदिरों के पुनर्निर्माण और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
प्रिंस सोनी और इरम रिजवी ने विकास के नाम पर धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ को संवैधानिक उल्लंघन बताया
लखनऊ। काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजधानी लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को स्वास्थ्य भवन चौराहा, कैसरबाग में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आप कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक देखने को मिली। पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को पकड़कर बस में बैठाकर हिरासत में ले लिया।
पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने विरोध के चलते संबंधित अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंदिरों के ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और तोड़े गए मंदिरों के पुनर्निर्माण की मांग की गई। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि विकास के नाम पर धार्मिक स्थलों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदेश प्रवक्ता प्रिंस सोनी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों को तोड़ना पूरे हिंदू समाज की आस्था पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी विकास के नाम पर धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
लखनऊ जिलाध्यक्ष इरम रिजवी ने कहा कि भाजपा की तानाशाही और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आज लखनऊ की सड़कों पर जनता की आवाज बुलंद हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर मंदिर तोड़ने की राजनीति नहीं चलेगी।








