
2 साल में 9 छात्रों की आत्महत्या, आईआईटी कानपुर पर उठ रहे गंभीर सवाल
शिक्षा मंत्रालय ने बनाई तीन सदस्यीय कमेटी, रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपे जाने की संभावना
कानपुर। आईआईटी कानपुर में पीएचडी स्कॉलर रामस्वरुप ईश्रम की हालिया आत्महत्या के बाद संस्थान गंभीर सवालों के घेरे में है। बीते 2 साल में 9 छात्रों की आत्महत्याओं के बाद आईआईटी कानपुर देश के सबसे ज्यादा सुसाइड वाली जगहों में शामिल हो गया है।
विशेष रूप से 29 दिसंबर 2025 और 21 जनवरी 2026 को 24 दिनों के भीतर हुई दो छात्र आत्महत्याओं ने संस्थान की काउंसलिंग सेल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्र और विशेषज्ञ पूछ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या है जो उज्जवल भविष्य का सपना संजोकर आईआईटी आने वाले छात्र आत्महत्या का रास्ता चुन रहे हैं।
आईआईटी कानपुर ने दोनों घटनाओं के बाद जारी प्रेस रिलीज़ में कोई बदलाव नहीं किया। संस्थान ने अपने मीडिया ग्रुप पर सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ वेलबीइंग का जिक्र किया, जबकि 21 जनवरी की घटना के बाद डीन ऑफ स्टूडेंट्स अफेयर्स प्रो. प्रतीक सेन ने छात्र की बीमारियों का उल्लेख किया।
जांच और कार्रवाई:
- आईआईटी ने दोनों घटनाओं के बाद इंटरनल कमेटी का गठन किया।
- शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, जो 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।








