वाराणसी। प्रयागराज माघ मेले के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शुक्रवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि मुझसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया, जिसे मैंने प्रदान किया और अब सरकार को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए।
अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि 10–11 मार्च को लखनऊ में सभी संत, महंत और आचार्य एकत्र होंगे। वहां यह तय किया जाएगा कि कौन असली हिंदू है, कौन हिंदू हृदय सम्राट है और किसे नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब नकली हिंदुओं का पर्दाफाश किया जाएगा और जितने भी हिंदू हैं, उनके साथ बहुत बड़ा छल हो रहा है।
माघ मेले को छोड़ने के पीछे उन्होंने कहा कि प्रशासन ने लालच दिया था, लेकिन उन्होंने इसे नकार दिया। उन्होंने कहा कि अगले साल माघ मेले में संगम स्नान करेंगे और इतिहास में पहली बार किसी शासक ने शंकराचार्य से प्रमाण मांगा। अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार को 40 दिन का समय दिया कि वह गोमांस निर्यात बंद करके अपने हिंदू होने का प्रमाण दे, अन्यथा वे लखनऊ आएंगे और संत-महंतों के साथ बैठक कर निंदा करेंगे।








