अम्बेडकरनगर। दसरा के सहयोग से जन शिक्षण केंद्र कुटियावा द्वारा सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के लिए गोमती होटल में एक दिवसीय क्षमता-वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके कार्यक्षेत्र में व्यावहारिक कौशल और सामाजिक कार्य की स्पष्ट समझ प्रदान करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिराम और राम सागर ने किया। प्रशिक्षण का संचालन और मुख्य चर्चा पुष्पा पाल, सचिव जन शिक्षण केंद्र, द्वारा किया गया।
उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों ने साझा किए विचार
प्रशिक्षण की शुरुआत उद्घाटन सत्र और प्रतिभागियों के परिचय से हुई। इसमें सभी ने “मैं सामाजिक कार्यकर्ता क्यों हूँ?” विषय पर अपने विचार साझा किए। इस प्रक्रिया से प्रतिभागियों ने स्वयं के उद्देश्यों और सामाजिक जिम्मेदारी को स्पष्ट रूप से समझा।
सामाजिक कार्य की अवधारणा और व्यावहारिक कौशल
प्रशिक्षण के दौरान सामाजिक कार्य की परिभाषा, सामाजिक समस्याओं की पहचान, समस्या विश्लेषण (Problem Tree), समुदाय के साथ संवाद और विश्वास निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने समूह चर्चा, रोल-प्ले और केस स्टडी के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
विशेष सत्र में सरकारी योजनाओं से पात्र लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया, सरल कार्य-योजना (Action Plan) बनाने की तकनीक, संवाद कौशल, रिपोर्ट लेखन और नेतृत्व विकास पर प्रशिक्षण दिया गया। इन सत्रों से प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ा और उनके कार्यशैली में सुधार की संभावना स्पष्ट हुई।
अनुभव साझा करने का सत्र
कार्यक्रम के समापन सत्र में स्वास्थ्य विभाग की संध्या, कोतवाली अकबरपुर की उप निरीक्षक शिवांगी और जिला प्रकोष्ठ की स्काउड गाइड प्रियंका तिवारी ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों ने इन अनुभवों को अत्यंत उपयोगी बताया और इसे अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने का संकल्प लिया।








