
अंबेडकरनगर जिले में प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूलों को लेकर अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक फीस, किताब और कॉपी की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।अभिभावकों का कहना है कि हर सत्र में फीस में बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही एडमिशन, ड्रेस और अन्य मदों में भी अलग-अलग शुल्क लिया जा रहा है। इससे मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों पर सीधा असर पड़ रहा है।
तय दुकानों से खरीद का दबाव, बढ़े दाम का आरोप
कई अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से कॉपी और किताबें तय दुकानों से खरीदने को कहा जाता है। खुले बाजार में उपलब्ध विकल्पों के बावजूद अधिक कीमत पर सामग्री लेने की मजबूरी बनती है।इस व्यवस्था को लेकर अभिभावकों में असंतोष है। उनका कहना है कि इससे अनावश्यक खर्च बढ़ता है और पारदर्शिता की कमी नजर आती है।
फीस के अनुपात में शिक्षा पर उठे सवाल
अभिभावकों का आरोप है कि बढ़ती फीस के बावजूद पढ़ाई का स्तर संतोषजनक नहीं है। कुछ स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था और संसाधनों को लेकर भी सवाल सामने आ रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है। यहां अभिभावक आर्थिक दबाव के बावजूद बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाने को मजबूर हैं, लेकिन अपेक्षित गुणवत्ता नहीं मिल रही।
नियंत्रण को लेकर शिक्षा विभाग पर नजर
मामले को लेकर शिक्षा विभाग की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि शिकायतें सामने आने के बाद भी कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं दिख रही है।इस कारण स्कूलों की कार्यप्रणाली पर नियंत्रण की मांग तेज हो रही है।








