पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी प्रचार के बीच अब आदर्श आचार संहिता (MCC) को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।
इस मुद्दे पर स्मृति ईरानी ने तृणमूल कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल के रूप में चुनाव जीतने के बाद मतदाताओं को क्या प्रशासनिक ढांचा दिया जाएगा, यह बताना उनका अधिकार है और इसे नियमों का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर TMC को अपनी जीत पर भरोसा है, तो वह इतनी चिंतित क्यों है।
इसके अलावा TMC द्वारा भाजपा पर लगाए गए ‘आदिवासी विरोधी’ आरोपों का जवाब देते हुए ईरानी ने द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी और सभी दलों से उनके समर्थन की अपील की थी, लेकिन TMC ने इसका विरोध किया।
ईरानी ने अभिषेक बनर्जी के बयान पर भी निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था और राजनीतिक व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में संवैधानिक पदों का सम्मान नहीं किया गया और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है। पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरा चरण 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। कुल मिलाकर, चुनाव से पहले MCC विवाद ने राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है और BJP-TMC के बीच टकराव तेज हो गया है।









