
- गोवंश वध पर प्रदेश में सख्त प्रतिबंध लागू
- 7,700 गोशालाओं में 16 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित
- निराश्रित गोवंशों के लिए 50 रुपये प्रतिदिन सहायता
- गर्मी से बचाव के लिए विशेष निर्देश जारी
अंबेडकरनगर । अंबेडकरनगर में बृहस्पतिवार को अकबरपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने प्रदेश सरकार की ओर से गोवंश संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में गोवंशों के संरक्षण और देखभाल के लिए व्यापक स्तर पर योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
गोवंश वध पर पूर्ण प्रतिबंध
पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में गोवंशों के वध पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है। इस दिशा में सरकार सख्ती से कानून का पालन करा रही है। उन्होंने कहा कि गोवंशों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के सभी लोगों की भी भागीदारी जरूरी है।
प्रदेश में 7,700 गोशालाएं संचालित
उपाध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में करीब 7,700 गोशालाएं संचालित हो रही हैं। इन गोशालाओं में 16 लाख से अधिक गोवंशों को संरक्षित किया गया है। इनकी देखभाल और भरण-पोषण के लिए नियमित व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि गोवंशों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
निराश्रित गोवंशों के लिए आर्थिक सहायता
उन्होंने बताया कि निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण के लिए सरकार की ओर से 50 रुपये प्रति गोवंश की दर से धनराशि दी जा रही है। इस योजना से गोपालकों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है। इसके साथ ही पशुपालन से जुड़े लोगों की आय में भी वृद्धि देखी जा रही है।









