“क्यों भड़का मलिहाबाद? क्या है स्मृति द्वार विवाद और कैसे हाईवे पर लगा जाम”

मलिहाबाद में स्मृति द्वार हटाने पर बवाल, हाईवे जाम; पुलिस ने संभाला मोर्चा

  • मल्हिया पासी स्मृति द्वार हटाने पर विरोध
  • लखनऊ-हरदोई हाईवे पर सैकड़ों लोगों का प्रदर्शन
  • सुहेलदेव आर्मी और पासी समाज के कार्यकर्ता शामिल
  • पुलिस ने समझाकर खुलवाया जाम

लखनऊ/मलिहाबाद: Malihabad में मल्हिया पासी स्मृति द्वार हटाए जाने को लेकर रविवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में लोग लखनऊ-हरदोई स्टेट हाईवे पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में काला-पीला और लाल-पीला झंडा था। बताया गया कि इसमें Suheldev Army और लाखन पासी से जुड़े कार्यकर्ता शामिल थे। जाम के चलते हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और धीरे-धीरे जाम खुलवाया।


धरने पर बैठे कौशल किशोर और विधायक जयदेवी

स्मृति द्वार को दोबारा स्थापित कराने की मांग को लेकर पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री Kaushal Kishore और उनकी पत्नी विधायक Jai Devi Kaushal धरने पर बैठे हैं।

धरना स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है और कई थानों की फोर्स को अलर्ट रखा गया है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की गई है।

22 अप्रैल को हटाया गया था स्मृति द्वार

जानकारी के अनुसार, यह स्मृति द्वार विधायक जयदेवी की निधि से बनवाया गया था, जिसे 22 अप्रैल को ठेकेदार द्वारा हटाया गया। इसके बाद उसी दिन पासी समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

प्रशासन ने उस समय दो दिन में समाधान का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी द्वार दोबारा नहीं लगाया गया।

आक्रोश बढ़ा, सड़क पर उतरे लोग

स्मृति द्वार पुनः स्थापित न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई, जिसके चलते रविवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए।

25 अप्रैल से पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर और विधायक जयदेवी के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि स्मृति द्वार को जल्द से जल्द पुनः स्थापित किया जाए।

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