
- हत्या और अपहरण मामले में उम्रकैद की सजा के बाद फरार था
- फरवरी में हमले के बाद बटोरी थी सहानुभूति
- नाम बदलकर अलग-अलग शहरों में छिपकर करता रहा काम
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाला सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान का चौंकाने वाला सच सामने आया है। जो शख्स हाल ही में खुद पर हुए हमले के बाद सुर्खियों में आया था, अब वही एक संगीन आपराधिक इतिहास वाला फरार कैदी निकला।
फरवरी में दो कट्टरपंथी युवकों द्वारा गला रेतने की घटना के बाद सलीम ने काफी सहानुभूति हासिल की थी। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों हमलावरों को मुठभेड़ में मार गिराया था और सलीम को सुरक्षा भी मुहैया कराई गई थी।
हालांकि, शनिवार को दिल्ली पुलिस की गिरफ्तारी के बाद सलीम की असलियत उजागर हो गई। जांच में सामने आया कि वह अपहरण और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाया हुआ अपराधी है, जो पिछले 26 वर्षों से फरार चल रहा था।
बताया जा रहा है कि सलीम ने अपनी पहचान छिपाने के लिए न सिर्फ नाम बदला, बल्कि अलग-अलग जगहों पर काम भी करता रहा। उसने अपने नाम से ‘खान’ हटाकर ‘वास्तिक’ जोड़ लिया और हरियाणा के करनाल में बढ़ई का काम किया। इसके अलावा मेरठ और गाजियाबाद में महिलाओं के कपड़े बेचकर भी जीवन यापन करता रहा।
पुलिस अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और बीते वर्षों की गतिविधियों की जांच में जुटी है।









