पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है। दोपहर 3 बजे तक 78.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। हालांकि, मतदान के बीच ईवीएम में गड़बड़ी और छेड़छाड़ के आरोपों ने चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है।
EVM पर उठे सवाल, दोबारा मतदान के संकेत
विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने कहा है कि जहां भी ईवीएम में छेड़छाड़ या गंभीर गड़बड़ी के प्रमाण मिलेंगे, वहां दोबारा मतदान कराया जा सकता है। इस बयान के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।
टीएमसी उम्मीदवार ने भी उठाए सवाल
श्रीरामपुर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तन्मय घोष ने दावा किया कि कई बूथों पर ईवीएम खराबी और सुरक्षा बलों द्वारा उनके समर्थकों को हिरासत में लेने की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी घटनाओं का रिकॉर्ड रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर परिणाम को चुनौती देंगे।
ममता बनर्जी का बड़ा आरोप
इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि CRPF और केंद्रीय पर्यवेक्षक आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, यहां तक कि महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर पार्टी एजेंटों को बूथ से बाहर कर दिया गया, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक करियर में ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा।
कई इलाकों में तनाव का माहौल
राणाघाट, कल्याणी, आरामबाग, घोघाट और कैनिंग जैसे इलाकों से भी विवाद और तनाव की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।









