
पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर TMC नेताओं के धरने और EVM छेड़छाड़ के आरोपों ने विवाद को और बढ़ा दिया है। हालांकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मशीनों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है।
ममता बनर्जी के पहुंचते ही बढ़ा विवाद
मामला तब और गंभीर हो गया जब Mamata Banerjee खुद स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं, जहां भवानीपुर सीट की EVM मशीनें रखी गई थीं। उनके पहुंचते ही राजनीतिक तनाव बढ़ गया और भाजपा ने भी कड़ा विरोध जताया।
चुनाव आयोग ने दी सफाई
चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी EVM पूरी तरह सुरक्षित हैं और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत रखी गई हैं। आयोग ने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका निराधार है।
भाजपा का पलटवार
भाजपा नेता Dilip Ghosh ने TMC के आरोपों को “राजनीतिक नाटक” बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी हार के डर से पहले ही बहाने तैयार कर रही है।
कई मुद्दों पर तेज हुई सियासत
दिलीप घोष ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों और अब स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर लगातार राजनीति की जा रही है। उनके मुताबिक यह साफ संकेत है कि विपक्ष हार की आशंका से घबराया हुआ है।
भवानीपुर सीट पर टिकी नजरें
भवानीपुर सीट को लेकर भी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का दावा है कि इस बार परिणाम अलग हो सकते हैं, जबकि TMC अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
चुनावी माहौल में बढ़ी तनातनी
मतगणना से पहले इस तरह के विवादों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि राज्य में सत्ता किसके हाथ में जाएगी।









