
दिल्ली : राजधानी दिल्ली समेत पूरे भारत में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मई की शुरुआत में बारिश जरूर हुई, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया है।
क्या है सुपर एल नीनो
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलते मौसम के पीछे मुख्य वजह El Niño का मजबूत रूप यानी सुपर एल नीनो है। NOAA के मुताबिक मई से जुलाई के बीच इसके बनने की लगभग 60 प्रतिशत संभावना है। वहीं World Meteorological Organization ने भी चेतावनी दी है कि यह घटना इस बार बेहद प्रभावशाली हो सकती है।
कैसे असर डालता है
सुपर एल नीनो तब बनता है जब प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से 2 डिग्री या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इससे हवाओं का पैटर्न बदल जाता है और गर्म पानी पूरे क्षेत्र में फैल जाता है। इसका सीधा असर वैश्विक मौसम पर पड़ता है।
भारत पर सबसे ज्यादा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे देशों में इसका असर गंभीर हो सकता है। मानसून कमजोर पड़ सकता है, जिससे बारिश कम होगी और सूखे की स्थिति बन सकती है। इससे खेती, जल संकट और महंगाई पर भी असर पड़ेगा।
इतिहास में 1982, 1997 और 2015 जैसे वर्षों में सुपर एल नीनो दर्ज किया गया था। अब 2026 में एक बार फिर ऐसे ही हालात बनने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आने वाले महीनों में मौसम और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।









