
पश्चिम बंगाल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। पार्टी ने राज्य में रिकॉर्ड बहुमत हासिल किया है, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सियासी गलियारों में Suvendu Adhikari का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। उन्होंने चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को हराकर खुद को मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया। हालांकि बीजेपी की कार्यशैली को देखते हुए अंतिम फैसला चौंकाने वाला भी हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व कई नामों पर मंथन कर रहा है। हाल ही में Amit Shah के बंगाल दौरे की चर्चा भी तेज हुई है, जिसे मुख्यमंत्री चयन से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी पहले भी कई राज्यों में आखिरी समय पर नए चेहरे को मुख्यमंत्री बनाकर सभी को चौंका चुकी है।
राजनीतिक विश्लेषक दिल्ली और राजस्थान के उदाहरण दे रहे हैं। दिल्ली में Parvesh Verma को बड़ा चेहरा माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने Rekha Gupta को मुख्यमंत्री बनाया। वहीं राजस्थान में भी अंतिम समय में Bhajan Lal Sharma को जिम्मेदारी दी गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी मुख्यमंत्री चयन में केवल लोकप्रियता नहीं बल्कि सामाजिक समीकरण, संगठनात्मक संतुलन और दीर्घकालिक रणनीति को प्राथमिकता देती है। ऐसे में बंगाल में भी अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।









