
बिहार : बिहार में सम्राट कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक के दौरान कुल 20 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें नगर विकास, परिवहन, स्वास्थ्य, आईटी और जल संसाधन विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट ने शहरों के विकास के लिए विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर का लोन लेकर नई शहरी विकास योजना शुरू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही बिल्डिंग निर्माण नियम 2026 में बदलाव को भी मंजूरी दी गई है।
नगर निकाय चुनावों में बुजुर्ग, दिव्यांग और बीमार मतदाताओं के लिए ई-वोटिंग सुविधा शुरू करने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार इस योजना पर लगभग 31.45 लाख रुपये खर्च करेगी।
परिवहन विभाग के तहत राज्य में 400 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी बढ़ाकर 517.16 करोड़ रुपये कर दी गई है। वहीं जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गंगा नदी किनारे कटाव रोकने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
स्वास्थ्य विभाग ने सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर “माता सीता मेडिकल कॉलेज” करने का फैसला लिया है। साथ ही आईटी विभाग के प्रस्ताव के तहत विधायकों और सरकारी कर्मचारियों को Artificial Intelligence की ट्रेनिंग दी जाएगी।
कानून विभाग ने शराबबंदी से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए नए कोर्ट और 18 पद सृजित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा उद्योग प्रोत्साहन योजना की समय सीमा जून 2026 तक बढ़ाने और राज्यपाल सचिवालय के लिए नई गाड़ियां खरीदने को भी मंजूरी दी गई है।









