लखनऊ : अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए मशहूर चुनावी रणनीति कंपनी I-PAC के साथ अपना करार खत्म कर दिया है। इस फैसले को समाजवादी पार्टी की चुनावी रणनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, I-PAC को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की चुनावी तैयारियों और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि पिछले कुछ समय से संगठन के भीतर इस साझेदारी को लेकर असंतोष बढ़ रहा था। पार्टी नेताओं का मानना था कि बाहरी एजेंसी पर ज्यादा निर्भरता से स्थानीय संगठन कमजोर पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, I-PAC कुछ कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियों से भी जूझ रही थी, जिसके कारण उत्तर प्रदेश में उसकी गतिविधियां तय समय पर शुरू नहीं हो सकीं। इसके अलावा Trinamool Congress के साथ पश्चिम बंगाल चुनाव में कंपनी की भूमिका और वहां के राजनीतिक हालात को भी इस फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा थी कि चुनाव जमीन पर संगठन और कार्यकर्ताओं की मेहनत से जीते जाते हैं, न कि केवल डेटा और बाहरी रणनीति से। बताया जा रहा है कि I-PAC की टीम का बड़ा हिस्सा प्रदेश के बाहर से काम कर रहा था, जिससे तालमेल की कमी महसूस की जा रही थी अब माना जा रहा है कि अखिलेश यादव आगामी चुनाव में अपने PDA फॉर्मूले और जमीनी संगठन को मजबूत करने पर ज्यादा फोकस करेंगे।









