
बदमाश के पैर में लगी गोली, मौके से तमंचा और लूट की बोलेरो बरामद
ड्राइवर ने मुनीम की गतिविधियों पर रखी थी नजर, चचेरे भाई संग बनाई थी लूट की योजना
STF ने लूट के चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, पूछताछ में हुए बड़े खुलास
लखनऊ | क्राइम डेस्क लखनऊ के PGI थाना क्षेत्र में बुधवार शाम स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और लुटेरों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में लूट के एक आरोपी वैभव सिंह के पैर में गोली लगी, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वैभव उस गैंग का हिस्सा था जिसने हाल ही में विकासनगर में एक ज्वेलर्स के मुनीम से 6.80 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया था।
इससे पहले STF ने प्रेम बहादुर सिंह (निवासी औरास, उन्नाव), सोनेंद्र सिंह (उम्र 28) और गौरव मिश्रा (निवासी आजाद नगर, हरदोई) को गिरफ्तार किया था।
ड्राइवर बना लुटेरा, जानता था मालिक की हर मूवमेंट
प्रेम बहादुर पहले से ही ज्वेलर्स मालिक पंकज अग्रवाल के यहां ड्राइवर के तौर पर काम कर चुका था। उसने मालिक की पैसों की कलेक्शन प्रक्रिया को करीब से देखा और फिर दोबारा नौकरी जॉइन कर लूट की योजना बनाई।
साजिश में चचेरा भाई और पूरा गैंग शामिल
प्रेम ने अपने चचेरे भाई सोनेंद्र के साथ मिलकर इस लूट की साजिश रची। सोनेंद्र ने रेकी और वारदात को अंजाम देने के लिए और लोगों को जोड़ा। गैंग में वैभव सिंह, सुशील मिश्रा, सतीश सिंह, अनुज मौर्या और गौरव मिश्रा शामिल थे।
लूट के बाद STF की तफ्तीश, बरामद हुआ कैश और हथियार
STF ने आरोपियों से लूट में इस्तेमाल बोलेरो गाड़ी, दो अवैध तमंचे, 5 कारतूस और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। STF अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।








